मेक्सिको सिटी: मेक्सिको की सेना ने रविवार (22 फरवरी) को एक बड़े सैन्य अभियान में देश के सबसे खतरनाक ड्रग सिंडिकेट — जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल (CJNG) के प्रमुख नेमेसियो रूबेन ओसेगुएरा सर्वेंटेस, जिन्हें ‘एल मेनचो’ कहा जाता था, को मार गिराया।
🔻 ऑपरेशन और मौत कैसे हुई?
- मेक्सिकन सुरक्षा बलों ने टापालपा (Jalisco) में एक संयुक्त सैन्य ऑपरेशन चलाया।
- ऑपरेशन में एल मेनचो घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए मेक्सिको सिटी ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
🔥 बाद में क्या हुआ? – हिंसा की लहर
एल मेनचो की मौत के तुरंत बाद देश के कई हिस्सों में व्यापक हिंसा और अराजकता फैल गई:
- कार्टेल ने प्रतिशोध में कई इलाकों में रोड ब्लॉकेड और आगजनी की।
- सैकड़ों स्थानों पर गाड़ियाँ जलाई गईं, हाईवे ब्लॉक किए गए और शहरों में गृहिणी माहौल जैसा माहौल बन गया।
- कई राज्यों में स्कूलों को बंद करने, लोगों को घर के अंदर रहने की सलाह दी गई और नागरिकों में डर पैदा हो गया।
⚔️ सुरक्षा बलों को भारी क्षति
भारी संघर्ष के बीच मेक्सिको के National Guard (राष्ट्रीय गार्ड) और अन्य सुरक्षा कर्मियों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा:
- कम से कम 25 नेशनल गार्ड जवान मारे गए।
- अन्य सुरक्षा एजेंटों और नागरिकों की भी मारक हुई।
📍 एल मेनचो कौन था?
एल मेनचो को ड्रग तस्करी के सबसे खतरनाक अपराधियों में से एक माना जाता था:
- उनका जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल (CJNG) मेक्सिको का सबसे शक्तिशाली क्रिमिनल संगठन था।
- यह गिरोह कोकीन, फेंटानिल और अन्य ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय तस्करी में लिप्त था।
- अमेरिका समेत कई देशों ने उन पर उच्च इनाम और खुफिया दबाव बनाया था।
🌍 अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
- अमेरिकी प्रशासन ने ऑपरेशन की सफलता को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
- कुछ देशों ने अपने नागरिकों को सुरक्षा सलाह और चेतावनियाँ जारी की हैं।
📌 आगे क्या हो सकता है?
विश्लेषकों का कहना है कि एल मेनचो की मौत एक बड़ी सफलता है लेकिन संभावित रूप से इससे अंतर कार्टेल संघर्ष और नई हिंसा की लहरें भी उठ सकती हैं क्योंकि संगठन में शक्ति का वैक्यूम उत्पन्न हो गया है।





