चाईबासा (झारखंड) | 20 फरवरी 2026: झारखंड के चाईबासा जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 32 वर्षीय महिला को ‘डायन’ करार देकर ग्रामीणों की भीड़ ने उसे और उसकी दो माह की मासूम संतान को जिंदा जला दिया। महिला का पति भी हमले में झुलस गया, लेकिन किसी तरह जान बचाकर भागने में सफल रहा। फिलहाल उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
🔥 कैसे हुई घटना?
यह घटना 17 फरवरी की रात करीब 9 बजे की बताई जा रही है।
पीड़ित परिवार के मुताबिक, जब परिवार घर में सो रहा था, तभी गांव के कुछ लोग घर के बाहर जमा हो गए और महिला पर जादू-टोना करने का आरोप लगाने लगे।
परिजनों ने पंचायत में मामला उठाने की बात कही, लेकिन भीड़ नहीं मानी। आरोप है कि इस दौरान किसी ने पति-पत्नी और गोद में लिए शिशु पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।
महिला और उसके दो महीने के बेटे की मौके पर ही जलकर मौत हो गई।
🚨 पति ने ऐसे बचाई जान
महिला के पति किसी तरह जलते कपड़े उतारकर भागे और पुलिस स्टेशन पहुंचे, लेकिन रात में थाना बंद मिला।
वे एक रिश्तेदार के यहां शरण लेकर सुबह दोबारा थाने पहुंचे, जहां शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जले हुए शव बरामद किए और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
👮♂️ पुलिस कार्रवाई
- अब तक 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है
- पुलिस के अनुसार करीब 10 लोग वारदात में शामिल हो सकते हैं
- मामले की जांच जारी है
स्थानीय पुलिस अधिकारी ने बताया कि हाल ही में गांव के एक रिश्तेदार की लंबी बीमारी के बाद मौत हुई थी, जिसका आरोप महिला पर ‘डायन प्रथा’ के तहत लगाया गया।
⚖️ सामाजिक सवाल
यह घटना एक बार फिर देश के कुछ हिस्सों में जारी अंधविश्वास और डायन-बिसाही जैसी कुप्रथाओं पर सवाल खड़े करती है।
झारखंड समेत कई राज्यों में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए विशेष कानून मौजूद हैं, फिर भी समय-समय पर ऐसी घटनाएं सामने आती रहती हैं।
📌 निष्कर्ष
चाईबासा की यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि समाज में फैले अंधविश्वास पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करती है। प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है।





