नई दिल्ली | 22 फरवरी 2026: विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के दूसरे चरण के बाद नौ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। इन सूचियों के अनुसार, कुल मतदाताओं में से करीब 7.93% नाम हटाए गए हैं।
📊 कितने मतदाता हटे?
- SIR की घोषणा (27 अक्टूबर) के समय कुल मतदाता: 21,45,62,215
- संशोधन के बाद कुल मतदाता: 19,75,33,701
- कुल शुद्ध कटौती: 1,70,28,514 (7.93%)
🗺️ किन राज्यों में कितनी कटौती?
🔴 सर्वाधिक कटौती
- गुजरात: 13.40%
- छत्तीसगढ़: 11.77%
- गोवा: 10.76%
- अंडमान और निकोबार: 16.87% (यूटी में सबसे अधिक)
🟢 न्यूनतम कटौती
- केरल: 3.22%
- लक्षद्वीप: 0.36%
अन्य राज्य
- मध्य प्रदेश: 5.96%
- राजस्थान: 5.74%
- पुडुचेरी: 7.5%
⏳ किन राज्यों की सूची बाकी?
- उत्तर प्रदेश – 10 अप्रैल को जारी होगी
- तमिलनाडु – 23 फरवरी को जारी होने की संभावना
- पश्चिम बंगाल – 28 फरवरी (सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद)
पश्चिम बंगाल में SIR को लेकर राज्य सरकार और चुनाव आयोग के बीच विवाद बढ़ा, जिसके चलते सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा।
⚖️ कानूनी विवाद
पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया को लेकर अदालत में लगातार सुनवाई चल रही है। सुप्रीम कोर्ट ने इसे “असाधारण” मामला बताते हुए न्यायिक अधिकारियों की अस्थायी पुनर्व्यवस्था का सुझाव दिया, ताकि प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।
🗳️ पहले भी हुआ था SIR
- बिहार (2024): मतदाता संख्या 7.89 करोड़ से घटकर 7.43 करोड़
- असम: लगभग 2.43 लाख नाम हटे
चुनाव आयोग ने बाकी 22 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को भी अप्रैल 2026 से SIR प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी पूरी करने को कहा है।
📌 क्या है SIR?
Special Intensive Revision का उद्देश्य:
- मृत मतदाताओं के नाम हटाना
- डुप्लीकेट प्रविष्टियां हटाना
- गलत या अपूर्ण जानकारी को सुधारना
हालांकि, विपक्षी दलों ने कुछ राज्यों में SC, ST और अल्पसंख्यक समुदायों के नाम जानबूझकर हटाए जाने के आरोप लगाए हैं।





