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महेश काले के ‘अभंगवारी’ कॉन्सर्ट में निर्मला सीतारमण ने की सराहना, कहा- ‘मां सरस्वती का आशीर्वाद है, हजारों साल जिएं’

महेश काले के ‘अभंगवारी’ कॉन्सर्ट में निर्मला सीतारमण ने की सराहना

मुंबई: मुंबई में आषाढ़ी एकादशी के अगले दिन भक्ति, संगीत और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर शाम देखने को मिली, जब राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक महेश काले ने अपने लोकप्रिय संगीत कार्यक्रम ‘अभंगवारी’ की प्रस्तुति दी। इस विशेष अवसर पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने महेश काले के नए गीत ‘लहानपण देगा देवा’ का भी लोकार्पण किया, जो संत तुकाराम के प्रसिद्ध अभंग से प्रेरित है। इस अवसर पर महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री आशीष शेलार भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान निर्मला सीतारमण महेश काले के भजनों और अभंगों में पूरी तरह डूबी नजर आईं। उन्होंने दर्शकों के साथ मिलकर “विठ्ठला-विठ्ठला” का जयघोष भी किया। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि संगीत ही उनके लिए ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत है।

उन्होंने बताया कि कर्नाटक के हम्पी में दो युवाओं ने उनसे पूछा था कि वे खुद को तरोताजा और ऊर्जावान कैसे रखती हैं। इस पर उन्होंने जवाब दिया था कि वह संगीत सुनकर खुद को ऊर्जा से भरती हैं। उन्होंने कहा, “मैं कर्नाटक संगीत से अधिक परिचित हूं, लेकिन जब मुझसे हिंदुस्तानी संगीत के बारे में पूछा गया तो सबसे पहला नाम मेरे मन में महेश काले का आया।”

निर्मला सीतारमण ने कहा कि जब उन्हें इस कार्यक्रम का निमंत्रण मिला तो उन्होंने तुरंत स्वीकार कर लिया। उन्होंने महेश काले की सराहना करते हुए कहा, “मां सरस्वती ने इन्हें विशेष आशीर्वाद दिया है। इनकी आवाज, दर्शकों से जुड़ने का तरीका और संगीत के माध्यम से दिया जाने वाला संदेश हर किसी के दिल को छू जाता है। मैं मां सरस्वती से प्रार्थना करती हूं कि महेश काले हजारों वर्षों तक जीवित रहें।”

महाराष्ट्र के मंत्री आशीष शेलार ने भी महेश काले की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे दुनिया भर में महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। उन्होंने अमेरिका में महेश काले के घर की अपनी यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि विदेश में रहते हुए भी उन्होंने अपने घर को भारतीय संस्कृति और संगीत से जुड़े एक संगीत आश्रम का स्वरूप दिया है।

महेश काले ने कार्यक्रम की शुरुआत प्रसिद्ध अभंग ‘राम कृष्ण हरी’ से की। इसके बाद उन्होंने ‘जगदोद्धारणा’, ‘सुंदर ते ध्यान’, ‘विठ्ठला’, ‘अबीर गुलाल’ सहित कई लोकप्रिय अभंग प्रस्तुत किए। पूरा सभागार भक्ति के रंग में रंगा नजर आया। श्रोता संगीत की धुनों पर झूमते रहे, कई लोगों ने आंखें बंद कर भक्ति का आनंद लिया, जबकि कुछ भावुक होकर आंसू भी नहीं रोक सके।

कार्यक्रम के अंत में निर्मला सीतारमण ने कहा कि आज की पीढ़ी मोबाइल फोन में अधिक समय बिताती है, लेकिन ऐसे लाइव आध्यात्मिक संगीत कार्यक्रम का अनुभव किसी भी डिजिटल माध्यम से नहीं मिल सकता। उन्होंने कहा, “महेश जैसे कलाकारों को सुनने के लिए हमें फिर से सभागारों में लौटना होगा। यहां जो सकारात्मक ऊर्जा और सामूहिक कंपन महसूस होते हैं, उनकी किसी भी चीज से तुलना नहीं की जा सकती।”

यह संगीतमय संध्या न केवल संगीत प्रेमियों के लिए यादगार रही, बल्कि महाराष्ट्र की संत परंपरा, भक्ति और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का भी एक जीवंत उत्सव बन गई।