मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के महेश्वर क्षेत्र की रहने वाली 18 वर्षीय मोनालिसा भोंसले एक बार फिर सुर्खियों में आ गई हैं। पिछले वर्ष प्रयागराज में आयोजित कुंभ मेले के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद चर्चा में आईं मोनालिसा की शादी अब विवाद का कारण बन गई है।
जानकारी के अनुसार मोनालिसा भोंसले ने केरल के रहने वाले फरमान खान से विवाह कर लिया है। यह शादी बुधवार को केरल के तिरुवनंतपुरम जिले के पूवार इलाके में स्थित नैनार मंदिर में संपन्न हुई। बताया जा रहा है कि यह विवाह पुलिस सुरक्षा के बीच कराया गया और इस दौरान कुछ स्थानीय राजनीतिक नेताओं और मंत्रियों की मौजूदगी भी रही।
इस विवाह के सामने आने के बाद मोनालिसा के परिवार ने गंभीर आपत्ति जताई है। मोनालिसा के पिता ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर शादी कराई गई है और यह मामला “लव जिहाद” से जुड़ा हो सकता है। उन्होंने इस मामले में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से हस्तक्षेप करने की अपील की है।
मोनालिसा के पिता का कहना है कि उनकी बेटी कम उम्र की है और उसे गलत तरीके से प्रभावित किया गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मोनालिसा को सुरक्षित वापस मध्य प्रदेश लाया जाए ताकि परिवार उससे बात कर सके और पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।
मोनालिसा भोंसले घुमंतू पारधी समुदाय से ताल्लुक रखती हैं। पिछले साल प्रयागराज कुंभ मेले के दौरान उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे, जिसके बाद वह अचानक देशभर में चर्चा का विषय बन गई थीं। उनकी लोकप्रियता के कारण कई लोग उन्हें सोशल मीडिया पर फॉलो करने लगे थे और मीडिया में भी उनका जिक्र होने लगा था।
बताया जा रहा है कि फरमान खान से उनकी मुलाकात सोशल मीडिया के जरिए हुई थी, जिसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। बाद में दोनों ने शादी करने का फैसला लिया और केरल में विवाह कर लिया।
इस मामले के सामने आने के बाद एक बार फिर “लव जिहाद” को लेकर बहस तेज हो गई है। कुछ संगठन इसे अंतरधार्मिक विवाह का मामला बता रहे हैं, जबकि परिवार का कहना है कि इसमें साजिश की आशंका है और इसकी जांच होनी चाहिए।
फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर इस मामले पर नजर रखी जा रही है। यदि परिवार की ओर से औपचारिक शिकायत दी जाती है तो पुलिस जांच भी शुरू हो सकती है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि मध्य प्रदेश सरकार और संबंधित प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाते हैं।





