तेहरान/बगदाद: ईरान और अमेरिका-इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ा हादसा सामने आया है। ईरान के कथित अंडरवॉटर ड्रोन हमले में अमेरिकी स्वामित्व वाले तेल टैंकर पर हमला हुआ, जिसमें एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई।
भारतीय दूतावास के अनुसार टैंकर पर मौजूद अन्य 15 भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है।
अमेरिकी तेल टैंकर पर हमला
यह हमला Safesea Vishnu नाम के तेल टैंकर पर हुआ, जो मार्शल आइलैंड्स के झंडे के तहत चल रहा था और अमेरिकी कंपनी Safesea Transport Inc. के स्वामित्व में है।
हमला इराक के बसरा के पास फारस की खाड़ी में हुआ। इस हमले में एक अन्य टैंकर Zefyros भी आग की चपेट में आ गया।
ईरान के सरकारी प्रसारक के अनुसार अंडरवॉटर ड्रोन के जरिए इन टैंकरों को निशाना बनाया गया।
भारतीय दूतावास की प्रतिक्रिया
Embassy of India, Baghdad ने बताया कि:
- हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई
- बाकी 15 भारतीय क्रू मेंबर को सुरक्षित निकाल लिया गया
- भारतीय अधिकारियों का इराकी प्रशासन से लगातार संपर्क बना हुआ है
होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा खतरा
यह हमला दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक Strait of Hormuz के पास हुआ है।
यह जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के बीच स्थित है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है।
- दुनिया के लगभग 20% तेल की सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है
- रोजाना करीब 13 मिलियन बैरल तेल इस मार्ग से भेजा जाता है
बढ़ सकता है वैश्विक तेल संकट
ईरान ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर हालात बिगड़े तो वह इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बना सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस मार्ग पर हमले जारी रहे या रास्ता बंद हुआ तो:
- वैश्विक तेल कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं
- अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित हो सकता है
- भारत, चीन और जापान जैसे बड़े तेल आयातक देशों पर असर पड़ेगा
युद्ध का असर समुद्री व्यापार पर
अमेरिका और इज़राइल के साथ जारी संघर्ष के कारण खाड़ी क्षेत्र में समुद्री यातायात पहले ही कम हो चुका है। कई जहाज कंपनियां अब इस क्षेत्र से गुजरने से बच रही हैं।
स्थिति को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुद्री एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं।





