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LPG संकट से भारत में दूध की कमी का खतरा, डेयरी उद्योग के पास सिर्फ 10 दिन का स्टॉक बचा

नई दिल्ली: देश में जारी LPG संकट अब डेयरी उद्योग के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अगर जल्द स्थिति नहीं सुधरी तो भारत में दूध की सप्लाई पर बड़ा असर पड़ सकता है। डेयरी उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि उनके पास दूध की प्रोसेसिंग और पैकेजिंग के लिए केवल करीब 10 दिन का स्टॉक बचा है।

डेयरी उद्योग पर पड़ रहा LPG संकट का असर

महाराष्ट्र के डेयरी संचालकों के अनुसार मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के कारण LPG की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसका असर दूध उद्योग के रोजमर्रा के कामों जैसे दूध की प्रोसेसिंग, पाश्चुरीकरण (Pasteurization) और पैकेजिंग पर पड़ रहा है।

डेयरी मालिकों का कहना है कि अगर अगले 10 से 12 दिनों के भीतर LPG की सप्लाई सामान्य नहीं हुई, तो देश के डेयरी उद्योग को गंभीर संकट का सामना करना पड़ सकता है।

पाश्चुरीकरण प्रक्रिया में आ रही दिक्कत

दूध को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए पाश्चुरीकरण प्रक्रिया जरूरी होती है। इसमें दूध को एक निश्चित तापमान पर गर्म किया जाता है, जिसके लिए बड़ी मात्रा में ऊर्जा की जरूरत होती है। आमतौर पर यह ऊर्जा LPG के जरिए उपलब्ध होती है।

लेकिन गैस की कमी के कारण खासकर छोटे और मध्यम डेयरी प्लांट दूध का पाश्चुरीकरण सही तरीके से नहीं कर पा रहे हैं। इससे दूध खराब होने का खतरा बढ़ गया है।

पैकेजिंग सामग्री की भी कमी

भारत में अधिकतर दूध प्लास्टिक के पैकेट में बेचा जाता है। लेकिन LPG की कमी का असर उन फैक्ट्रियों पर भी पड़ा है जो दूध के पैकेट तैयार करती हैं। इससे डेयरी उद्योग को पैकेजिंग सामग्री की कमी का सामना करना पड़ रहा है।

डेयरी मालिकों के मुताबिक उनके पास फिलहाल करीब 10 दिन की पैकेजिंग सामग्री का ही स्टॉक बचा है। इसके बाद दूध की सप्लाई प्रभावित हो सकती है।

क्या है LPG संकट की वजह

रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान ने फारस की खाड़ी में स्थित महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस की सप्लाई होती है।

इस मार्ग के बंद होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है और इसका असर भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों पर भी पड़ रहा है।

ऊर्जा आयात पर भारत की निर्भरता

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है। देश लगभग

  • 88% कच्चा तेल
  • 50% प्राकृतिक गैस
  • 60% LPG

विदेशों से आयात करता है। ऐसे में वैश्विक सप्लाई में रुकावट आने से देश में ऊर्जा संकट की स्थिति बन सकती है।

बढ़ सकती हैं दूध की कीमतें

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर LPG संकट जल्द खत्म नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में दूध की सप्लाई प्रभावित हो सकती है और बाजार में दूध की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।