नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने राज्य के आधिकारिक नाम को ‘Kerala’ से बदलकर ‘Keralam’ (केरलं) करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया।
राज्य सरकार पहले ही इस बदलाव के लिए प्रस्ताव पारित कर चुकी थी। अब केंद्र की मंजूरी के बाद नाम परिवर्तन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
📌 क्यों बदला जा रहा है नाम?
राज्य सरकार का कहना है कि “Keralam” नाम मलयालम भाषा में राज्य की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को बेहतर तरीके से दर्शाता है।
‘Kerala’ अंग्रेज़ी रूप है, जबकि ‘Keralam’ स्थानीय उच्चारण और परंपरा के अधिक करीब माना जाता है।
🗣️ शशि थरूर का शब्दों वाला तंज
कांग्रेस नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने इस फैसले पर चुटकी लेते हुए पूछा कि अब अंग्रेज़ी में राज्य के निवासियों को क्या कहा जाएगा?
उन्होंने कहा, “क्या अब ‘Keralite’ की जगह ‘Keralamite’ या ‘Keralamian’ कहा जाएगा?”
थरूर ने आगे यह भी सवाल उठाया कि ‘Keralite’ और ‘Kerala’ जैसे शब्दों का क्या होगा।
🏛️ आगे क्या होगा?
- नाम परिवर्तन के लिए संवैधानिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
- आधिकारिक दस्तावेज़ों, केंद्र और राज्य की अधिसूचनाओं तथा अन्य प्रशासनिक रिकॉर्ड में बदलाव होगा।
- संसद में भी संबंधित संशोधन प्रस्ताव लाया जा सकता है।
🌐 पहले भी बदले गए हैं नाम
भारत में पहले भी कई राज्यों और शहरों के नाम बदले जा चुके हैं, जैसे:
- बॉम्बे → मुंबई
- मद्रास → चेन्नई
- उड़ीसा → ओडिशा
अब ‘केरल’ से ‘केरलं’ की ओर यह बदलाव उसी श्रृंखला का हिस्सा माना जा रहा है।





